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हूँ यादों में जीवन रहता यादें यादों में हैं ख़वाब होंगे खुली पलकों पर उनकी यादों में रब यादों के काफिले तुम कर दूँ विसर्जित तुम्हारी यादों को गंगा में... रोज़ तुम ही थे यादें करें बापू इन्ही यादों में. करो राष्ट्रपिता हिंदी कविता hindikavita

Hindi यादों में Poems